इतनी शक्ति हमें देना दाता
मन का विश्वास कमज़ोर हो न
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे
भूल कर भी कोई भूल हो न .....
दूर अज्ञान के हो अँधेरे,
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे,
हर बुराई से बचते रहे हम,
जितनी भी दे भली ज़िन्दगी दे,
बैर होना किसीको किसीसे,
भावना मन में बदले की हो ना ,
हम चले नेक रस्ते पे हमसे,
भूल कर भी कोई भूल हो ना ...
Monday, January 2, 2012
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